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Wednesday, 17 November 2021

पंजाब के CM चरणजीत चन्नी की किसानों के साथ मीटिंग हुई खत्म, कर्ज माफी पर नहीं बनी सहमति, फिर होगी दोबारा मुलाकात

Punjab CM Charanjit Channi's meeting with farmers ends, no agreement on loan waiver, will meet again
Punjab CM Charanjit Channi's meeting with farmers ends, no agreement on loan waiver, will meet again
[metaslider id=711] चंडीगढ़ : बता दे कि पंजाब के CM चरणजीत चन्नी और 32 किसान संगठनों की मीटिंग खत्म हो गई है। जानकारी मिली है कि इसमें कर्ज माफी को लेकर सहमति नहीं बनी। वहीँ सीएम ने कहा कि इस बारे में फिर से मुलाकात होगी। वहीँ सीएम चन्नी ने कहा कि 18 में से 17 मांगे मान ली गई हैं। जबकि किसान नेता बलवीर राजेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मांगें तो मान ली है लेकिन वे संतुष्ट तभी होंगे, जब इन्हें लागू किया जाएगा। वहीँ मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने कहा कि कृषि कानून पर हम किसानों के कहे मुताबिक प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने कहा पंजाब में काले कानून लागू नहीं किए जाने का प्रस्ताव पास किया। और इसके अलावा 2013 का अकाली सरकार का काले कानूनों से मिलता-जुलता कांट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट भी रद्द कर दिया है। वहीँ किसान नेता राजेवाल ने कहा कि यह केंद्र के कानून हैं। राज्य सरकार इन्हें रद्द कर दबाव बना सकती है लेकिन यह कैंसिल देश की संसद में ही हो सकते हैं। इन मुद्दों पर बनी सहमति :- मिली जानकारी अनुसार जिन मुद्दों पर सहमति बनी है वो इस प्रकार है , गुलाबी सुंडी से नरमे की फसल को हुए नुकसान को देखते हुए 12 हजार के मुआवजे को बढ़ाकर 17 हजार रुपए कर दिया है। वहीँ आंदोलन के दौरान 652 किसानों की मौत हुई। इनमें से 152 को नौकरी मिली है। CM ने किसान नेताओं से लिस्ट मांगी है। वहीँ इसके बाद उनके परिवारों को नौकरी और मुआवजा देंगे। इसके अलावा गन्ने का रेट 360 कर दिया है। इसके अलावा मंडियों में जो फसल बच गई है, उसे अगले 3-4 दिनों में खरीदेंगे। इसके अलावा एपी स्कीम के तहत बागवानी वाले किसानों ने मीटर लिए हैं, उनका हर साल आने वाले 37 हजार का बिल आता है। उसे भी फ्री कर दिया गया है। वहीँ पंजाब में गैर पंजाबियों की भर्ती रोकने के लिए एक हफ्ते में कानून ला रहे हैं। किसान आंदोलन के चलते पंजाब सरकार ने किसानों पर जो पर्चे दर्ज़ किए हैं। उन सबको रद्द किया जाएगा। इसके अलावा चंडीगढ़ में भी किसानों पर 26 जून को पर्चे दर्ज हुए थे, उन्हें भी रद्द करवाने के लिए गवर्नर से मिलेंगे। वहीँ पंजाब में पराली जलाने पर दर्ज हुए पर्चे भी रद्द कर दिए गए हैं। और उन्हें अपील की गई है कि अब आगे से पराली न जलाएं। वहीँ भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहे प्रोजेक्ट में नए सिरे से मुआवजे के केस बनाए जा रहे हैं।इसके अलावा नकली बीज बेचने वाली फतेहाबाद की कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके अलावा किसान और खेत मजदूरों के लिए पेंशन स्कीम बनाई जाएगी। पीएयू में वाइस चांसलर की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही इसे भी पूरा कर दिया जाएगा। [metaslider id=9199]