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Saturday, 16 July 2022

1298 पैंडिग इंतकाल केसो का विशेष कैपों में मौके पर निपटारा – डिप्टी कमिशनर

On-the-spot settlement of 1298 pending pending cases in special camps – Deputy Commissioner
On-the-spot settlement of 1298 pending pending cases in special camps – Deputy Commissioner
[metaslider id=24944] [metaslider id=11116] अधिकारियों को इंतकाल संबंधी पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश 45 दिनों की समय सीमा के बाद कोई इंतकाल लंबित नहीं होना चाहिए जालंधर : जिले में पैंडिग केसों के निपटारे के लिए शनिवार को जिले में तहसील एवं सब-तहसील स्तर पर आयोजित विशेष कैंपों में कुल 1298 लम्बित इंतकाल केसो का निपटारा किया गया। डिप्टी कमिशनर जसप्रीत सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इन शिविरों में संपत्ति के इंतकाल संबंधी कुल 1353 मामलों में से 1298 का मौके पर ही निपटारा किया गया और शेष 55 मामलों का भी जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तहसीलदार जालंधर-1 द्वारा कुल 139 केसो का निपटारा किया गया और कोई भी केस लंबित नहीं है जबकि नायब तहसीलदार जालंधर-1 ने 431 इंतकाल केसों में से 406 प्रकरणों का निपटारा किया गया। इसी प्रकार नायब तहसीलदार आदमपुर द्वारा 17, तहसीलदार जालंधर-2 द्वारा 75, नायब तहसीलदार जालंधर-2 द्वारा 217, नायब तहसीलदार भोगपुर द्वारा 35, नायब तहसीलदार करतारपुर द्वारा 20, तहसीलदार नकोदर द्वारा 40, नायब तहसीलदार नकोदर द्वारा इंतकालों के 9 मामलों का निपटारा किया गया। डिप्टी कमिशनर ने बताया कि नायब तहसीलदार मेहतपुर द्वारा 31 एवं तहसीलदार फिल्लौर द्वारा 35 केसों का निपटारा किया गया और क्रमअनुसार 7 एवं 2 इंतकाल बकाया है। इसी तरह नायब तहसीलदार फिल्लौर द्वारा 46, नायब तहसीलदार नूरमहल द्वारा 79, नायब तहसीलदार गोराया द्वारा 7, नायब तहसीलदार लोहियां द्वारा 77, नायब तहसीलदार शाहकोट द्वारा 5 और तहसीलदार शाहकोट द्वारा 60 इंतकालों का मौके पर ही फैसला किया गया और शेष 21 मामलों का जल्द ही समाधान कर निपटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन की लोगों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने की वचबद्धता को दोहराते हुए डिप्टी कमिशनर जसप्रीत सिंह ने लोगों कहा कि नागरिकों को सुचारू रूप से प्रदान करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों से पूरी इंतकाल संबंधी प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा ताकि लोगों को अपनी संपत्तियों के इंतकाल के पंजीकरण में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि एनडीजीआरएस प्रणाली के एकीकरण के बाद अब संपत्ति के पंजीकरण होने के 45 दिनों के भीतर इंतकाल का पंजीकरण अनिवार्य है। डिप्टी कमिशनर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 45 दिन की समय सीमा के बाद कोई भी इंतकाल पैंडिग न रहे।उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की ढील या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। [metaslider id=9199]