ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Thursday, 29 April 2021

मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगा सिलेंडर समेत जालंधर के DC ऑफिस पहुँच गए लंग्स के मरीज़, मचा हड़कंप

lung-patients-arrived-in-jalandhars-dc-office-with-a-cylinder-with-an-oxygen-mask-on-their-mouths
lung-patients-arrived-in-jalandhars-dc-office-with-a-cylinder-with-an-oxygen-mask-on-their-mouths
[metaslider id="711"] जालंधर : फेफड़े की बीमारी से परेशान जालंधर के बुजुर्ग सर्बजीत रतन गुरुवार को ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर DC ऑफिस पहुंच गए। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने सब जगह पाबंदी लगा दी है। अब उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा जबकि डेढ़ साल से वो सिलेंडर इस्तेमाल कर रहे हैं। अब अफसर ही बताएं कि वो कहां जाएं?। हालांकि बाद में कर्मचारियों ने उन्हें सिलेंडर की परमिशन की पर्ची देकर वहां से भेजा। बुजुर्ग सर्बजीत रतन ने बताया कि उनके लंग्स में दिक्कत है। उनका बेटा अमेरिका में डॉक्टर है। वो वहीं रह रहे थे। उनका कहना है कि जब वहां कोरोना फैला तो यहाँ वापिस आ गए। वो पिछले डेढ़ साल से ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले वो बाजार से भरा हुआ सिलेंडर खरीद लेते थे। अब सब बंद हो गया। उन्होंने पूरे शहर का चक्कर काट लिया लेकिन कहीं से कोई ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं दे रहा।मजबूर होकर वो इसे लेकर DC ऑफिस आ गए हैं कि या तो सिलेंडर भरवाकर दो, अन्यथा वो यहां से नहीं जाएंगे। उनको ऑफिस में देख कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अफसरों से बात की गई और उसके बाद उन्हें सिलेंडर लेने के लिए मंजूरी का पत्र देकर रवाना किया गया। यहाँ बड़ा सवाल ये भी है कि कोरोना संक्रमण फैलते ही प्रशासन ने ऑक्सीजन सिलेंडर की खुली बिक्री बंद कर दी है। ऑक्सीजन की सप्लाई अब कोरोना मरीजों तक सीमित कर दी गई है लेकिन अब उन मरीज़ों का क्या जो पहले से बीमारी से ग्रस्त है और ऑक्सीजन सिलेंडर पर निर्भर है। प्रशासन ने उन लोगों को मंजूरी देने के लिए कोई अलग से इंतजाम नहीं किया है। [metaslider id="1461"]   source link