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Monday, 28 February 2022

ज्वाइंट कमिश्नर ने अग्रवाल अस्पताल का संभाला मोर्चा और MTP मेहरबान सिंह को खींचा जल्द से जल्द करो कार्रवाई

Joint commissioner took over the front of Agarwal Hospital and pulled MTP Meherban Singh, take action as soon as possible
Joint commissioner took over the front of Agarwal Hospital and pulled MTP Meherban Singh, take action as soon as possible
[metaslider id=711] अगर दो दिन में अग्रवाल हॉस्पिटल के ऊपर कार्रवाई न हुई तो करेंगे नगर निगम के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन : बख्शी अभिषेक बख्शी ने ठाना खोली जाएगी नगर निगम की पोल, पीटा जाएगा ढोल, सील करना होगा अग्रवाल अस्पताल अस्पताल बाइलॉज की धज्जियां उड़ा रहा अग्रवाल अस्पताल, ज्वाइंट कमिश्नर ने दिया आश्वासन 2 दिनों में करेंगे अग्रवाल अस्पताल पर कार्रवाई। बहुत दिनों से अग्रवाल अस्पताल के खिलाफ आवाज उठा रहे यूथ लीडर अभिषेक बख्शी ने बताया कि अगर 2 दिन में अग्रवाल अस्पताल सील नहीं किया तो बड़ा धरना दिया जाएगा जिसकी चेतावनी पास के पढ़ते थाना में दे दी गई है। उन्होंने बताया अवैध रूप से बना यह अस्पताल नगर निगम और मेयर की मिलीभगत का नतीजा है यूथ लीडर अभिषेक बख्शी ने बताया किस तरह से शहर का यह हॉस्पिटल मेयर और निगम अधिकारियों की मेहरबानियों से अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है। जेपी नगर स्थित यह अस्पताल शहर के नामी अस्पतालों में से एक है। रोजाना यहां सैकड़ों मरीज अपना इलाज कराने आते हैं। यहां के काबिल डॉक्टर उनसे इलाज के एवज में मोटी फीस वसूलते हैं। साथ ही दवा, जांच आदि के लिए भी मोटी राशि इस अस्पताल को आय के रूप में मिलती है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह अस्पताल भी रेजिडेंशियल रोड पर अवैध बिल्डिंग में बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के संचालित किया गया है। इसके लिए अस्पताल का कोई नक्शा पास नहीं कराया गया है. दिलचस्प बात तो यह है कि यह अस्पताल जिस इमारत में चल रहा है उस इमारत में बिल्डिंग बायलॉज के हिसाब से कभी भी अस्पताल संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती। यही वजह है कि कॉमर्शियल बिल्डिंग में अवैध रूप से चल रहे इस अस्पताल को नगर निगम की ओर से कोई कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। हॉस्पिटल मेयर और निगम अधिकारियों की मेहरबानियों से अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है। हम बात कर रहे हैं अग्रवाल हास्पिटल की इसके लिए अस्पताल का कोई नक्शा पास नहीं कराया गया है. दिलचस्प बात तो यह है कि यह अस्पताल जिस इमारत में चल रहा है उस इमारत में बिल्डिंग बायलॉज के हिसाब से कभी भी अस्पताल संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती। यही वजह है कि कॉमर्शियल बिल्डिंग में अवैध रूप से चल रहे इस अस्पताल को नगर निगम की ओर से कोई कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। [metaslider id=1461]