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Saturday, 05 March 2022

56 विद्यार्थियों में से 16 सुरक्षित लौटे, 21 पोलैंड और हंगरी की सरहदों पर पहुँचे – घनश्याम थोरी

Jalandhar DC's strict action against travel agent, canceled the license of this agent
Jalandhar DC's strict action against travel agent, canceled the license of this agent
[metaslider id=9199] माता पिता ने इंद्रा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँचे अपने बच्चों को प्यार से लगाया गले युद्ध प्रभावित युक्रेन में फंसे अन्य विद्यार्थियों की जल्दी और सुरक्षित वापसी के लिए भी की कामना जालंधर : करण के घर ख़ुशी का तब कोई ठिकाना नहीं रहा जब वह शुक्रवार की सुबह इंद्रा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नई दिल्ली में दूसरे भारतीय विद्यार्थियों, जिन में से आठ जालंधर ज़िले के हैं, के साथ सुरक्षित वापस पहुँचा। स्थानिय ज़िला प्रशास्निक कंपलैक्स में प्रसाशन की तरफ से स्थापित ज़िला कंट्रोल रूम में युक्रेन में 56 विद्यार्थियों के फंसे होने बारे जानकारी प्राप्त हुई थी, जिन में से 16 शुक्रवार दोपहर तक सुरक्षित वापस लौट आए हैं। करण के पिता गुरदीप लाल, जो कि स्थानिय कमिशनरेट में पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर हैं, ने अपने पुत्र का स्वागत करते हुए कहा कि यह न सिर्फ़ उनके लिए बल्कि युद्ध प्रभावित युक्रेन से लौटे अपने बच्चों को मिलने वाले सभी माँ बाप के लिए खुशी के पल हैं। ऐम.बी.बी.ऐस. के तीसरे समेस्टर के विद्यार्थी करण (22) ने खारकीव में रूसी फौज की तरफ से लगातार हमलों के दौरान मुशकल हालात के बारे मेँ भी बताया। उस ने बताया कि जिस इलाके में वह रह रहे थे, वहाँ स्थिति बहुत ख़राब थी और उन्होंने युक्रेन के पड़ोसी देशोँ की सरहदों पर पहुँच कर राहत की साँस ली। उस ने बताया कि हम हंगरी की सरहद पर पहुँचे, जहाँ से भारतीय अथारटी ने उन की सुरक्षित वापसी करवाई। विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी के लिए तैनात भारतीय आधिकारियों की तरफ से खाने -पीने, रहन-सहन आदि समेत सभी ज़रुरी प्रबंध यकीनी बनाऐ गए और उन को बिना किसी रुकावट के नई दिल्ली लाया गया। युक्रेन में फंसे अन्य विद्यार्थियों की जल्दी और सुरक्षित वापसी की कामना करते हुए गुरदीप लाल ने कहा कि जालंधर के डिप्टी कमिशनर की तरफ से जानकारी एकत्रित करने और भारत सरकार के साथ सांझी करने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए तुरंत कार्यवाही अमल में लाई गई, जिस ने युक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी को यकीनी बनाया। जालंधर जिले के 16 विद्यार्थियों की दो पड़ावों में वापसी पर डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने बताया कि कुल 56 विद्यार्थियों में से 15 पहले ही पोलैंड की सरहद पर और 6 हंगरी के बार्डर पर पहुँच चुके हैं, जिन को भी कुछ ही दिनों में नई दिल्ली लाया जा रहा है। घनश्याम थोरी ने बताया कि ज़िले के चार विद्यार्थी रोमानिया में, एक जर्मनी में और तीन स्लोवाकिया में हैं। उन्होंने बताया कि सात विद्यार्थी ज़िले में अपने घरों में पहुँच चुके हैं जबकि आठ नयी दिल्ली में उतरे हैं और अपने घरों को लौटने जा रहे हैं। इन के इलावा एक विद्यार्थी अमृतसर पहुँच गया है, जबकि सात अभी भी खारकीव और पिसोचिन और एक लवीव शहर में फंसा हुआ है। वर्णन योग्य है कि शुक्रवार को फ्लाइट के द्वारा दिल्ली पहुँचने वालों में विद्यार्थी जैसमीन कौर, सुमित नागरथ, करन किशोर, अनीश कुमार बद्धन, गौरव लूथरा, वन्दना, हरप्रीत जस्सी और विक्रम शरमा शामल हैं। इसी तरह विद्यार्थी गौरव पराशर, खुशविन्दर सिंह, हरजोत कौर मलही, मनिन्दर सिंह, वरुण कुमार हरजाई, शिवानी और मिलाप सिंह जालंधर पहुँच गए हैं जबकि समीर हंस अमृतसर पहुँच गया है। जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर: ज़िला प्रशासन ने उन परिवारों, जिन के मैंबर अभी भी युद्ध प्रभावित देश युक्रेन में फंसे हुए हैं, को ज़िला स्तर पर स्थापित 24 घंटे कंट्रोल रूम 0181 -2224417 और 1100 पर सूचना देने की अपील भी की। [metaslider id=711]