ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Saturday, 31 July 2021

जालंधर में 10 ओर पी.एस.ए. आधारित आक्सीजन प्लांट लगेंगे -DC घनश्याम थोरी

Jalandhar administration's strictness on selling drugs to minors, orders not to sell liquor to those below 25 years of age
Jalandhar administration's strictness on selling drugs to minors, orders not to sell liquor to those below 25 years of age
[metaslider id="711"] जालंधर : जालंधर जिला आक्सीजन उत्पादन के मामलो में आत्म निर्भर बनने के लिए पूरी तरह तैयार है क्योंकि दस और प्राईवेट अस्पताल अपने अस्पतालों में पी.एस.ए. आधारित आक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया में हैं। जानकारी देते डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि शरनजीत अस्पताल, किडनी अस्पताल, सैकरड हार्ट अस्पताल, गुलाब देवी अस्पताल, सरवोद्या अस्पताल, जोहल अस्पताल, जम्मू अस्पताल, इनोसैंट हार्ट अस्पताल, केयर मैक्स अस्पताल और आक्सफोर्ड अस्पताल समेत 10 अस्पतालों की तरफ से पी.एस.ए. आधारित आक्सीजन उत्पादन प्लांट मंगवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नये प्लांट स्वास्थ्य संभाल संस्थाओं की ज़रूरतों को पूरा करेंगे, जिस से वह आक्सीजन उत्पादन के मामले में आत्म निर्भर हो सकेंगी। डिप्टी कमिश्नर ने आगे कहा कि सिविल अस्पताल, सी.एच.सी. बस्ती गुज़ां और नकोदर समेत सरकारी अदारों में तीन नये आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिस से सरकार की तरफ से चलाईं जा रही स्वास्थ्य संभाल संस्थाओं की सामर्थ्य को ओर मज़बूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन नये आक्सीजन प्लांटों की स्थापना के बाद जिले की मैडीकल आक्सीजन पैदा करने की सामर्थ्य में भारी विस्तार होगा। उन्होंने बताया कि इन प्लांटों की कम से कम और अधिक से अधिक O2 उत्पादन सामर्थ्य 250 से 750 एलपीएम तक होगी। थोरी ने आगे कहा कि दूसरी लहर दौरान ऑक्सीजन संकट का सामना करने के बाद जिले की आक्सीजन उत्पादन सामर्थ्य में विस्तार करने के लिए कुछ महीने पहले एक विशाल अभ्यास शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि श्रीमन सुपर स्पेशलिस्ट, एन.एच.एस., न्यू रूबी, अरमान, रत्न, जोशी, ग्लोबल, टैगोर, पटेल, कैपीटोल अस्पताल और पिमस समेत कई अस्पतालों की तरफ से ज़िला प्रशासन की अपील पर पहले ही अपने प्लांट स्थापित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल अस्पतालों की तरफ से अपने आक्सीजन उत्पादन प्लांट लगाने से आने वाली लहरों के साथ प्रभावशाली ढंग के साथ निपटने के लिए सहायक साबित होगी क्योंकि आक्सीजन की सप्लाई के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। डिप्टी कमिश्नर ने प्राईवेट अस्पतालों के यत्नो की प्रशंसा की, जिन्होंने ऐसे प्लांट स्थापित करके कोविड -19 महामारी ख़िलाफ़ चल रही लड़ाई में ज़िला प्रशासन के साथ इकजुट्टता ज़ाहिर की और कहा कि बाकी अस्पतालों को भी इन के नक्श -ऐ -कदमों पर चलना चाहिए। [metaslider id="1461"]