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अगर आप भी करतें है Mouthwash का उपयोग..तो हो जाए स्तर्क , पढ़ें ये खबर


हेल्थ : आजकल दांतों, मसूड़ों की सफाई और मुंह को जर्म्स फ्री रखने के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल करना एक ट्रेंड बन गया है। आमतौर पर लोग अपने फेवरेट सेलिब्रिटीज को देखकर माउथवॉश का इस्तेमाल बिना किसी रिसर्च के करना शुरू कर देते हैं। एक स्टडी के अनुसार, आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अल्कोहल-बेस्ड माउथवॉश ओरल माइक्रोबायोम (मुंह में रहने वाले बैक्टीरिया) पर सीधा प्रभाव डाल सकते हैं, जिससे पीरियडोंटल बीमारियों और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

दरअसल, ओरल माइक्रोबायोम पाचन में मदद करता है और मुंह को हेल्दी रखता है। जर्नल ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में पब्लिश रिसर्च में ऐसे पुरुष शामिल थे, जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं। यौन बीमारियों से बचने के लिए रोजाना माउथवॉश का इस्तेमाल करते हैं। बेल्जियम के एंटवर्प में इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन (आईटीएम) की टीम ने कहा कि अल्कोहल-बेस्ड माउथवॉश के तीन महीने तक रोजाना इस्तेमाल से इन पुरुषों के मुंह में दो तरह के बैक्टीरिया फ्यूसो बैक्टीरियम न्यूक्लियेटम और स्ट्रेप्टोकोकस एंजिनोसस की मात्रा बढ़ गई।

ये दोनों बैक्टीरिया मसूड़ों की बीमारी को बढ़ाते हैं और इसोफेजियल और कोलोरेक्टल कैंसर की तरफ धकेलते हैं। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए जरूरी एक्टिनो बैक्टीरिया नामक बैक्टीरिया ग्रुप को भी घटते देखा। आईटीएम की सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन यूनिट की डॉ. जोलेन लॉमेन ने कहा, ’अल्कोहल-बेस्ड माउथवॉश बाजार में आसानी से उपलब्ध है। आम लोग बदबूदार सांस से निपटने या पीरियोडोंटाइटिस को रोकने के लिए इसका रोजाना इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उन्हें इसके नुकसान के बारे में पता होना चाहिए। यह हेल्थ केयर प्रोफेशनल द्वारा गाइड किया जाना चाहिए।’

Disclaimer: इस लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

नोट : उक्त खबर इंडिया लिविंग न्यूज़ को सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है। इंडिया लिविंग न्यूज़ इस खबर की अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं करता। अधिक जानकारी के लिए मुख्य संपादक से संपर्क करें

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