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Neelam Ratna : जानिए किन राशिवालों को भूलकर भी धारण नहीं करना चाहिए नीलम , हो सकता है नुकसान


Neelam Ratna benefits : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों का कोई न कोई रत्न बताया गया है। वहीँ शनि ग्रह का रत्न है नीलम। माना जाता है कि जिस भी जातक को ये रत्न सूट कर जाए तो उसके जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। कहते है ये रत्न रंक को राजा बनाने की काबीलियत रखता है। लेकिन वहीँ अगर बिना परामर्श के इसे पहन लिया जाए तो ये राजा को रंक भी बना सकता है। ऐसे में आज हम बात करेंगे कि ये रत्न किन राशियों के लिए शुभ माना जाता है और किन राशियों को इस रत्न को नहीं पहनना चाहिए। और किन राशिवालों को भूलकर भी धारण नहीं करना चाहिए नीलम , हो सकता है नुकसान

इन राशियों के लिए शुभ रहता है नीलम

नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न है इसलिए ये रत्न शनि के स्वामित्व वाली दो राशियों मकर और कुंभ के लिए शुभ माना जाता है। वहीँ शनि के मित्र ग्रह शुक्र के स्वामित्व वाली वृषभ और तुला राशि के लिए भी ये रत्न काफी शुभ फलदायक माना जाता है। इन 4 राशियों के लोग अगर शनि के रत्न नीलम को धारण कर लेते हैं तो इनके जीवन की बड़े से बड़ी परेशानी भी छूमंतर हो सकती है। लेकिन फिर भी इस रत्न को धारण करने से पहले इनको किसी योग्य ज्योतिष से परामर्श अवश्य कर लेना चाहिए, भले ही आपकी राशि मकर, कुंभ, वृषभ या तुला में से एक हो लेकिन कुंडली में शनि की स्थिति कैसी है इसका ज्ञान होना भी जरूरी है। अगर कुंडली में शनि नीच अवस्था में है तो नीलम पहनकर परेशानियां भी जीवन में आ सकती हैं।

इन राशियों के लिए शुभ नहीं माना जाता है नीलम

शनि और शुक्र की राशियों के अलावा सभी राशियों के लिए नीलम रत्न पहनना शुभ नहीं माना जाता है। मेष , मिथुन, कर्क , सिंह , कन्या , वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों को नीलम रत्न पहनने से बचना चाहिए। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में इन राशियों के लोग भी नीलम धारण कर सकते हैं। जैसे अगर आपकी कुंडली में शनि शुभ है तो ज्योतिष के परामर्श के बाद आप नीलम रत्न धारण कर भी सकते हैं।

नीलम रत्न धारण करने के बाद कैसा असर दिखाता है

माना जाता हैं कि अगर आप नीलम रत्न धारण करते हैं और ये आपको सूट करता है तो ये 24 घंटों में ही अपना असर दिखाना शुरू कर देता है। इसके प्रभाव से आपको शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है। यानी आप बीमार हैं या किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या आपको है तो वो दूर हो जाती है। इसके साथ ही नीलम धारण करने से आपको नौकरी और व्यापार में भी लाभ मिलता है। धन से जुड़े मामलों में भी आप सफल होते हैं, आपके जमा धन में वृद्धि होने लगती है। सामाजिक स्तर पर भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

ज्योतिष से परामर्श के बिना नीलम को धारण न करें

अगर आप भी नीलम रत्न धारण करना चाहते हैं तो इससे पहले आपको किसी योग्य ज्योतिष से परामर्श जरूर लेना चाहिए, क्यूंकि अगर आपको ये रत्न सूट करता है तो ये आपकी जिंदगी बदल सकता है और आपके जीवन में खुशियां ला सकता है। लेकिन अगर सूट न करे तो आपको बड़ा नुक्सान भी पहुंचा सकता है।

नीलम पहनने की विधि

वैदिक ज्योतिष के अनुसार नीलम शनिवार के दिन धारण करना चाहिए।नीलम (नीलम) पहनने का शुभ समय या तो सुबह 5-9 बजे या शाम 5-7 बजे के बीच है।इस रत्न को धारण करने के लिए केवल सफेद धातु का ही प्रयोग करना चाहिए। यह चांदी या सफेद सोना हो सकता है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इसे कभी भी पीली धातु के साथ नहीं पहनना चाहिए।

चूंकि यह रत्न इच्छाशक्ति और पेशेवर कल्याण से जुड़ा है, इसलिए इसे मध्यमा उंगली पर पहनना चाहिए। पुरुष इसे अपने दाहिने हाथ में पहन सकते हैं, जबकि महिलाएं इसे अपने दोनों हाथों में पहन सकती हैं। अगर आप इसे अंगूठी की तरह नहीं पहनना चाहते तो आप इसे पेंडेंट की तरह भी पहन सकते हैं। व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रत्न उनकी त्वचा को छूए।

वैदिक ज्योतिष सुझाव देता है कि रत्न पहनने से पहले उसे शुद्ध कर लेना चाहिए। नीलम को शुद्ध करने के लिए रत्न को तीन बार गंगाजल या गाय के कच्चे दूध में डुबोएं।

ऐसा करते समय, “ओम् शं शनैश्च-चराये नमः” का जाप करें। मंत्र को 108 बार दोहराएं और आखिरी बार जप करते समय इसे पहन लें। और 108वीं बार दोहराते समय अंगूठी या पेंडेंट पहनें।

Disclaimer : यह लेख आम जनता की जानकारी पर आधारित है। इंडिया लिविंग न्यूज़ इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. कोई भी रत्न धारण करने से पहले संबंधित ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह अवश्य कर लें।

नोट : उक्त खबर इंडिया लिविंग न्यूज़ को सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है। इंडिया लिविंग न्यूज़ इस खबर की अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं करता। अधिक जानकारी के लिए मुख्य संपादक से संपर्क करें

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