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रात में नींद न आना ? जाने क्या है अनिद्रा की बीमारी और इसकी वजह


insomnia : आज के समय में भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग रात में सुकून भरी नींद से दूर होते जा रहे हैं. आजकल बहुत से लोग अनिद्रा की समस्या से परेशान है. आजकल लोगों में चिंता, बेचैनी, तनाव बढ़ गया है जिसके कारण काफी लोग अनिद्रा यानी इनसोम्निया के कारण डिप्रेशन और स्ट्रेस से ग्रसित होते जा रहे हैं. तनाव के कई कारण हो सकते हैं जिनमें कुछ कारण वह छोटे होते हैं जैसे बच्चों में एग्जाम की टेंशन, कामकाजी लोगों के लिए उनके काम का प्रेशर, घरेलू झगड़े आदि के कारण नींद की समस्या हो सकती है, यह समस्याएं और स्ट्रेस तो सामान्य जीवन में चलते रहते हैं. लेकिन कई बार अनिद्रा की समस्या बढ़ जाती है और लंबे समय तक सही प्रकार से नींद ना लेने के कारण सेहत को कई नुकसान उठाने पड़ सकते हैं. अनिद्रा की समस्या कई बार कुछ विटामिंस की कमी से भी होने लगती है, इसमें लापरवाही करने से यह बढ़ सकती है. आइए जानते हैं अनिद्रा की समस्या किन कारणों से हो सकती है.

अनिद्रा के नुकसान-
हेल्थलाइन के अनुसार अनिद्रा यानी रात में पर्याप्त और चैन की नींद नहीं सो पाने से – दिन भर थकान, भारी सिर, चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है. अगर अनिद्रा की समस्या लंबी हो जाती है तो यह कई बीमारियां खड़ी कर सकती है जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा, और इम्युनिटी को कमजोर करने साथ मूड स्विंग जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं.

अनिद्रा के कारण
अनिद्रा कई कारणों से हो सकती है, कई बार कब्ज, अपच , या अन्य किसी बीमारी के कारण, कॉफी या कैफीन युक्त पदार्थों का अधिक सेवन हो सकता है. अनिद्रा की समस्या कई बार इस बात की ओर इशारा करती है कि आप मानसिक रूप से परेशान या अस्वस्थ हैं. इसीलिए शुरुआत में ही अच्छे डॉक्टर या मनोचिकित्सक की सलाह ले लेनी चाहिए।

अनिद्रा दूर करने के उपाय
अनिद्रा की समस्या से बचने के लिए आपको केवल अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे से बदलाव करने हैं जिससे आप अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.
-अपनी लाइफ स्टाइल में टहलना, जॉगिंग करना, स्विमिंग या योगा शामिल कर सकते हैं, एक्सरसाइज को अपने जीवन का हिस्सा बनाने से, शरीर मैं फिजिकल एक्टिविटी बढ़ती है और उसके बाद थक कर गहरी नींद आ सकती है.
-अल्कोहल की मात्रा को सीमित करना चाहिए, और सोने से पहले अल्कोहल युक्त कोई भी पदार्थ नहीं लेना चाहिए.
-कैफीन युक्त पदार्थ लेने से बचना चाहिए.
-सोते वक्त दिमाग में सोच-विचार नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे दिमाग की मांसपेशियों में तनाव आता है और सोने में मुश्किल हो सकती है. दिमाग को शांत और आराम देने के लिए आप हर रोज ध्यान कर सकते हैं.

कितने घंटे की जरूरी है नींद

हर व्यक्ति के सोने के घंटे अलग-अलग होते हैं। एक वयस्क के लिए छह से आठ घंटे की नींद पर्याप्त होती है। 

Disclaimer : इस लेख में दी गयी जानकारी , सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

नोट : उक्त खबर इंडिया लिविंग न्यूज़ को सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है। इंडिया लिविंग न्यूज़ इस खबर की अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं करता। अधिक जानकारी के लिए मुख्य संपादक से संपर्क करें

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